
रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने वित्तीय समावेशन और उपभोक्ता हितों को ध्यान में रखते हुए तीन नई उपभोक्ता-केंद्रित पहलों की घोषणा की है, जिनका सीधा लाभ ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मिलेगा। ये पहलें डिजिटल वित्तीय सेवाओं की पहुंच आसान बनाने, छोटे खाताधारकों के लिए लेनदेन और शिकायत समाधान को तेज करने और जागरूकता बढ़ाने पर केंद्रित हैं।
इन पहलों के तहत आरबीआई ने छोटे और सीमांत उपभोक्ताओं के लिए बैंकों की ग्राहक सेवा में सुधार, ऑनलाइन बैंकिंग सेवाओं को स्थानीय भाषाओं में उपलब्ध करवाने और शिकायत निवारण प्रक्रिया को पारदर्शी व समयबद्ध बनाने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। खासकर, गवर्नर ने डिजिटल लेनदेन को सुरक्षित और सुलभ बनाने, ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम तेज करने और माइक्रोफाइनेंस व पेमेंट बैंक सेवाओं की निगरानी को मजबूत करने का रोडमैप पेश किया।
सरल उपयोग, कम लागत और अधिक सुरक्षा—इन बिंदुओं के साथ आरबीआई की ये पहलें बैंकिंग सुविधाओं को गांव-गांव, कस्बे-कस्बे तक पहुंचाने की दिशा में मील का पत्थर मानी जा रही हैं। THE FINOCRATS मानते हैं कि इन कदमों से न सिर्फ डिजिटल इंडिया को बूस्ट मिलेगा, बल्कि ग्रामीण जनता को सीधे और सुरक्षित बैंकिंग सेवा मिलेगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और भागीदारी दोनों मजबूत होंगी।


