शांतिपूर्ण जनसुनवाई के साथ आगे बढ़ी एस आर एस स्टील एंड पावर परियोजना, कोनारी को विकास की नई दिशा
तिल्दा-नेवरा। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा तिल्दा ब्लॉक के ग्राम कोनारी में प्रस्तावित एस आर एस स्टील एंड पावर लिमिटेड परियोजना को लेकर आयोजित जनसुनवाई सोमवार को शांतिपूर्ण एवं सकारात्मक माहौल में संपन्न हुई। जनसुनवाई में अपर कलेक्टर उमाशंकर बंदे और क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी प्रकाश राबड़े की उपस्थिति में प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की गई। आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक सरोकार रखने वाले लोग उपस्थित रहे।जनसुनवाई के दौरान कुछ स्थानों पर हल्का-फुल्का विरोध जरूर देखने को मिला, लेकिन संपूर्ण कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। अधिकांश ग्रामीणों ने इसे क्षेत्र के औद्योगिक और आर्थिक विकास की दिशा में एक अहम कदम बताया।ग्रामीणों ने जनसुनवाई में क्षेत्र के सर्वांगीण विकास, भूमि अधिग्रहण पर उचित मुआवजा, स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार, स्वरोजगार के अवसर, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार जैसे मुद्दे शांतिपूर्वक रखे। ग्रामीणों की बातों को प्रशासन और कंपनी प्रबंधन द्वारा गंभीरता से सुना गया।कंपनी के प्रबंध निदेशक प्रदीप अग्रवाल ने सामाजिक और धार्मिक सरोकारों को ध्यान में रखते हुए ग्राम कोनारी स्थित शिव मंदिर एवं महामाया मंदिर के विकास के लिए ढाई-ढाई लाख रुपये देने की घोषणा की। इस घोषणा का उपस्थित ग्रामीणों ने खुले मन से स्वागत किया और इसे सकारात्मक पहल बताया।कंपनी की ओर से विवेक साहनी ने कहा कि एस आर एस स्टील एंड पावर लिमिटेड क्षेत्र में रोजगार सृजन, बुनियादी ढांचे के विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कंपनी स्थानीय लोगों के साथ समन्वय बनाकर पारदर्शिता के साथ कार्य करेगी। साथ ही जनसुनवाई को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, पर्यावरण विभाग, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया।जनसुनवाई में एसडीएम आशुतोष देवांगन, तहसीलदार रामप्रसाद बघेल, थाना प्रभारी रमाकांत तिवारी, पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सभी की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से शांतिपूर्ण रूप में संपन्न हुई, जिससे क्षेत्र में विकास को लेकर नई उम्मीदें जगी हैं।
विद्युत चोरी मामले में अधिवक्ता दीपक बजाज की दमदार पैरवी — आरोपी पर लगा 88,500 का अर्थदंड
कोरबा । विद्युत विभाग की ओर से अधिवक्ता दीपक बजाज की शानदार पैरवी के चलते, विशेष न्यायाधीश (विद्युत अधिनियम) श्री एस. शर्मा की अदालत ने बिजली चोरी के मामले में आरोपी अश्वनी कुमार शर्मा को दोषी करार देते हुए 88,500 रु का अर्थदंड लगाया है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि डिफॉल्ट की स्थिति में आरोपी को दो माह का साधारण कारावास भुगतना होगा। मामले की पृष्ठभूमि यह मामला 28 सितम्बर 2018 का है, जब विद्युत निरीक्षक आर.के. पटेल के नेतृत्व में विशेष टीम ने कोरबा स्थित साईं श्याम कुंज, साईं इंकेलेव, कोरबा में छापेमारी की। टीम ने पाया कि आरोपी बिना मीटर के सीधे एलटी लाइन से 2758 वॉट लोड की बिजली का उपयोग कर रहा था। जांच में यह साबित हुआ कि आरोपी की इस हरकत से विभाग को 73,764 रु का नुकसान हुआ। प्रावधानों के तहत की गई गणना में कुल वित्तीय लाभ ₹29,500 आँका गया, जिसके तीन गुने के आधार पर 88,500 रु का अर्थदंड तय किया गया। मामले में धारा 135 और 138 विद्युत अधिनियम, 2003 के तहत कार्यवाही की गई। अदालत में सुनवाई अधिवक्ता दीपक बजाज ने विभाग की ओर से प्रभावशाली और तथ्यों पर आधारित दलीलें रखते हुए अदालत को यह विश्वास दिलाया कि आरोपी ने जानबूझकर बिजली चोरी की है। बचाव पक्ष के तर्क—कि आरोपी मकान का मालिक नहीं है और मौके पर कोई स्वतंत्र गवाह नहीं था—को अदालत ने स्वीकार नहीं किया, क्योंकि विभाग ने ठोस दस्तावेजी और मौखिक साक्ष्य प्रस्तुत किए। अदालत का फैसला विशेष न्यायाधीश ने आरोपी को दोषी मानते हुए 88,500 रु का अर्थदंड अदा करने का आदेश दिया। अधिवक्ता दीपक बजाज की अहम भूमिकाइस पूरे प्रकरण में अधिवक्ता दीपक बजाज की कानूनी रणनीति और सटीक दलीलों ने मामले को मज़बूती दी, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी को दंडित किया गया। उनकी तर्कशक्ति और पेशेवर दक्षता ने यह सुनिश्चित किया कि न्यायालय के सामने सच्चाई स्पष्ट रूप से स्थापित हो सके और विभाग को न्याय मिल सके
ग्रामीण और अर्ध-शहरी भारत के लिए रिजर्व बैंक का बड़ा कदम: आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने उपभोक्ता-केंद्रित 3 नई पहलें शुरू कीं: प्रीति अग्रवाल
रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने वित्तीय समावेशन और उपभोक्ता हितों को ध्यान में रखते हुए तीन नई उपभोक्ता-केंद्रित पहलों की घोषणा की है, जिनका सीधा लाभ ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मिलेगा। ये पहलें डिजिटल वित्तीय सेवाओं की पहुंच आसान बनाने, छोटे खाताधारकों के लिए लेनदेन और शिकायत समाधान को तेज करने और जागरूकता बढ़ाने पर केंद्रित हैं। इन पहलों के तहत आरबीआई ने छोटे और सीमांत उपभोक्ताओं के लिए बैंकों की ग्राहक सेवा में सुधार, ऑनलाइन बैंकिंग सेवाओं को स्थानीय भाषाओं में उपलब्ध करवाने और शिकायत निवारण प्रक्रिया को पारदर्शी व समयबद्ध बनाने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। खासकर, गवर्नर ने डिजिटल लेनदेन को सुरक्षित और सुलभ बनाने, ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम तेज करने और माइक्रोफाइनेंस व पेमेंट बैंक सेवाओं की निगरानी को मजबूत करने का रोडमैप पेश किया। सरल उपयोग, कम लागत और अधिक सुरक्षा—इन बिंदुओं के साथ आरबीआई की ये पहलें बैंकिंग सुविधाओं को गांव-गांव, कस्बे-कस्बे तक पहुंचाने की दिशा में मील का पत्थर मानी जा रही हैं। THE FINOCRATS मानते हैं कि इन कदमों से न सिर्फ डिजिटल इंडिया को बूस्ट मिलेगा, बल्कि ग्रामीण जनता को सीधे और सुरक्षित बैंकिंग सेवा मिलेगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और भागीदारी दोनों मजबूत होंगी।
कोरबा CSEB प्लांट में हादसा,ठेकाकर्मी की मौत मे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर परिजनों क हंगामा
कपनी के ठेकेदार ने ₹11लाख रूपये मुआवजा देने पर सहमति जताई कोरबा CSEB प्लांट में हादसा,ठेकाकर्मी की मौत मे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर परिजनों क हंगामाCSEB प्लांट के कन्वेयर बेल्ट में कार्यत ठेका कर्मचारि मौत परिजनों ने जिला मेडिकल कॉलेज में किया हंगामा कपनी के ठेकेदार ने ₹11लाख रूपये मुआवजा देने पर सहमति जताई.छत्तीसगढ़ के कोरबा से एक बड़ी घटना निकलकर सामने आ रही है जहां CSEB प्लांट में ठेका वेल्डर के तौर पर कार्य थे जहां एक युवक ड्यूटी के दौरान हादसा होने के बाद जिला मेडिकल कॉलेज में लाने के बाद डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया मौत की खबर लगता ही परिजन सुरक्षा व्यवस्था को प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए जिला अस्पताल में जमकर हंगामा किया जिसके बाद कंपनी के ठेकेदार ने 11 लख रुपए मुआवजा देने की सहमति जताई ठेकेदार ने तत्काल 4लाख नगद तत्काल परिजनों को दी गई है बाकी रकम लिखित समझौता के फिलहाल पुलिस मर्ग कायम कर मामले की जांच कर रही है मृतक की पहचान सूरज गोस्वामी के रूप में हुई है जो कटनी मध्य प्रदेश का रहने वाला है वह दरी क्षेत्र में किराए के मकान में रहता था और पिछले डेढ़ सालों से सीएसईबी के कन्वेयर बेल्ट क्षेत्र में कार्य था




